रायपुर। बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी चुनावी कुशलता का लोहा मनवाते हुए शानदार जीत दर्ज की है। इस महत्वपूर्ण विजय के पीछे छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और बिहार चुनाव के लिए भाजपा के पर्यवेक्षक विजय शर्मा की सांगठनिक दक्षता और सटीक चुनावी प्रबंधन की प्रमुख भूमिका रही है।
 
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा बिहार जैसे राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद, श्री शर्मा ने पटना में मोर्चा संभालते हुए अंत तक चुनावी कमान अपने हाथों में रखी। छठे उम्मीदवार के तौर पर राजद के चुनावी मैदान में उतरने से पैदा हुई अनिश्चितता की स्थिति के बावजूद, विजय शर्मा ने घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया। श्री शर्मा ने बिहार भाजपा और एनडीए के सहयोगी दलों के विधायकों के साथ निरंतर बैठकें कर गठबंधन की एकता सुनिश्चित की और विपक्ष द्वारा सेंधमारी की कोशिशों को विफल किया। चुनाव से पूर्व ही श्री शर्मा ने पूर्ण आत्मविश्वास के साथ दावा किया था कि एनडीए की संख्या बल और रणनीति के आगे विपक्ष टिक नहीं पाएगा, जो परिणामों में पूरी तरह सटीक साबित हुआ।