रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा ने कहा है कि नवा रायपुर अटलनगर में आंदोलित किसानों के संबंध में प्रदेश सरकार चर्चा के नाम पर सियासी नौटंकी से बाज आए और चर्चा के लिए गुरुवार को बुलाई गई इस बैठक का किसानों द्वारा किए गए बहिष्कार को गंभीरता से ले। श्री शर्मा ने कहा कि दोपहर 2 बजे आहूत बैठक की सूचना बैठक के निर्धारित समय से महज़ 5 मिनट पहले दिया जाना प्रदेश सरकार का आंदोलित किसानों के साथ भद्दे मज़ाक़ से कम नहीं है। इससे प्रदेश सरकार की किसानों के प्रति बदनीयती ज़ााहिर होती है।
 
भाजपा किसान मोर्चा के प्रभारी श्री शर्मा ने कहा कि किसानों के नाम पर घड़ियाली आँसू बहाकर किसान आंदोलन की आड़ लेकर सियासी लफ़्फ़ाजी करने और दूसरे प्रदेश में अपनी राजनीति चमकाने के लिए छत्तीसगढ़ के ख़ज़ाने का पैसा अपनी वैयक्तिक सम्पदा मानकर लुटाने वाली प्रदेश सरकार को अपने राज्य के किसानों का दु:ख-दर्द क्यों नहीं दिखाई दे रहा है? एक लम्बे समय से नवा रायपुर के किसान आंदोलित हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के फैलाव के दौर में प्रदेश सरकार किसानों की समस्या सुनकर आंदोलन समाप्त कराने को तैयार ही नहीं है। श्री शर्मा ने कहा कि नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति से चर्चा के नाम पर बैठक को लेकर एक तो प्रदेश सरकार ने पूरी तरह बदनीयती का परिचय दिया और बाद में प्रदेश सरकार के रवैए से रुष्ट किसान कल्याण समिति के पदाधिकारियों के बैठक के बहिष्कार के बाद प्रदेश सरकार झूठ बोलकर किसान नेताओं पर ही इसकी ज़िम्मेदारी डालकर अपनी चमड़ी बचाने में लगी है। प्रदेश सरकार बैठक के संबंध में पूर्व सूचना की बात कह रही है जबकि किसान समिति के नेता रूपन चंद्राकर द्वारा दी जा रही जानकारी के अनुसार बैठक की सूचना बैठक के समय से महज़ 5 मिनट पहले ही व्हाट्सएप पर किसानों को दी गई। श्री शर्मा ने कहा कि मंत्री मो. अक़बर की अध्यक्षता में बुलाई गई इस बैठक के नाम पर किए गए भद्दे मज़ाक़ ने प्रदेश सरकार के घोर किसान-विरोधी चरित्र को बेनक़ाब कर दिया है। श्री शर्मा ने प्रदेश सरकार को आगाह किया है कि किसानों के साथ शर्मनााक सियासत करना छोड़ नवा रायपुर के प्रभावित किसानों की न्यायपूर्ण मांगों को मानकर उनकी समस्या के समाधान की तत्काल ईमानदार पहल करे।