रायपुर। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता और छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि भ्रष्टाचार की काली कमाई के लिए जनता की जान से खेलने वाली कांग्रेस सरकार ने जनता के भरोसे की हत्या कर दी। इस सरकार ने कोरोना की आपदा में भी भ्रष्टाचार का पाप किया है।
 
डॉ. बांधी ने कोरोना जांच किट के नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह भ्रष्टतम कांग्रेस सरकार के माथे पर एक और कालिख है। यह कोरोना में परिजन गंवाने वाले हजारों परिवारों का अपमान है। रेत से लेकर कोयले तक अवैध वसूली करने वाले, हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार करने वाले यमदूत बनने से भी नहीं चूके। जांच किट खरीदी की आड़ में 34 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार महालेखाकार की रिपोर्ट में सामने आना कांग्रेस सरकार की लूटमार का नमूना है। यह सरकार हैं या लुटेरी गैंग? कोरोना से मरती आम जनता के पैसे लूटने खजाने में सेंध लगाने वाले गिरोह को सरकार कहना गलत होगा। सरकार का काम जनता के हित में काम करना होता है, यह लुटेरी मंडली तो जनता का धन हड़पने मौत की सौदागर बनकर सामने आई है।
 
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि जब देश की सरकार जनता को कोरोना से बचाने युद्ध स्तर पर काम कर रही थी तब छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार और वसूली में लगी थी। इन्होंने वैक्सीन पर भ्रम फैलाया, जिससे कोरोना से प्राण खोने वालों की संख्या बढ़ी। इन्होंने कोरोना सेस के नाम पर कई अरब रुपये शराब से वसूले लेकिन स्वास्थ्य पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया। जिस स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह नगर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से नवजात शिशुओं की मौत हो जाती है, जो स्वास्थ्य मंत्री कोरोना से कराहते छत्तीसगढ़ को छोड़कर दूर कहीं डेरा डालकर बैठा रहा हो, जिस स्वास्थ्य मंत्री को कोरोना संबंधी उच्च स्तरीय बैठक में शामिल न किया जाता हो, उस स्वास्थ्य मंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। तब इस जांच किट खरीदी घोटाले का सरगना कौन है? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं, वित्त विभाग सम्हाल रहे हैं तो किट खरीदी में करोड़ों के भ्रष्टाचार के लिए सीधे तौर पर वे ही जिम्मेदार  हैं।
 
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 46 करोड़ की कोरोना जांच किट करीब 80 करोड़ में खरीदी गई। यह 34 करोड़ रुपया किसकी जेब में गया, जनता इसका जवाब मांग रही है। जनता भूपेश बघेल से जानना चाहती है कि इतने बड़े घोटाले की जांच अब तक क्यों नहीं की गई है।