रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने कहा है कि टिकट वितरण के बाद मचे घमासान के चलते कांग्रेस के लिए विकट परिस्थिति बन गई है। कांग्रेस में विद्रोह की जो चिंगारी सुलगी है, वह अब प्रदेश के चारों कोनों में फैल रही है। डॉ. चोपड़ा ने भारी अंतर के साथ पिछले चुनाव में जीतकर पहुँचे 22 विधायकों के टिकट कांग्रेस द्वारा काटे जाने पर कहा कि कांग्रेस ने टिकट काटकर यह संदेश दिया है कि इन विधायकों ने जनता का विश्वास खो दिया है। फिर भी कांग्रेसी अपनी सरकार को भरोसे की सरकार बता रहे हैं, जो पूरी तरह जनता का विश्वास खो चुकी है और यह आगामी 3 दिसम्बर को आईने की तरह साफ होने जा रहा है।
 
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक डॉ. चोपड़ा ने सवाल किया कि जब कांग्रेस भरोसे की सरकार के जुमले पर इठला रही है तो फिर 22 विधायकों की टिकट क्यों काटी गई? जब 22 विधायक जनता के साथ-साथ कांग्रेस नेतृत्व का विश्वास भी खो चुके तो उनकी टिकट काट दी गई पर उनकी टिकट नहीं काटी गई जिन्होंने भूपेश सरकार के भ्रष्टाचार के टारगेट को शिद्दत से पूरा कर दिया। चंद्रपुर के कांग्रेस विधायक चंद्रपाल यादव को कांग्रेस ने टिकट दे दी, जिनका नोटों के बंडल के साथ वीडियो वायरल हुआ था! भरोसे के नाम पर कांग्रेस का यह दोहरा राजनीतिक मापदंड है। शुक्रवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल  के साथ आहूत प्रेस ब्रीफ में पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ. चोपड़ा ने कहा कि कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि यह विधायक 'टारगेट' पूरा नहीं कर पाए, क्या इसलिए टिकट कटी? या फिर, कांग्रेस मानकर चल रही है इतना प्रचंड बहुमत मिलने के बावजूद न तो प्रदेश सरकार जनता की उम्मीद पर खरी उतरी, न ही कांग्रेस के विधायक। कांग्रेस के ही विधायक कह रहे हैं की रिपोर्ट कार्ड तो औरों का ही खराब था, फिर हमारी टिकट क्यों काटी?  स्थिति यह हो चली है कि अब तो कांग्रेसी भी चाहने लगे हैं कि भाजपा प्रदेश में चुनाव जीतकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाए।
 
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक डॉ. चोपड़ा ने कहा कि प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में हर वर्ष अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करती थी। यह परम्परा केंद्र में भी है और भाजपा शासित राज्यों में भी। इसलिए अब प्रदेश की भूपेश सरकार भी अपना रिपोर्ट कार्ड प्रदेश के समक्ष प्रस्तुत करे। दरअसल कांग्रेस की भूपेश सरकार के पास जनता को बताने के लिए नाममात्र की भी कोई उपलब्धि नहीं है, तो जनता के पास अपना किस मुँह से रिपोर्ट कार्ड लेकर जाएगी? झूठ, फरेब, अन्याय, अत्याचार, घपले-घोटाले, वादाखिलाफी ही कांग्रेस की इस सरकार की कुल जमा उपलब्धि है। इसके उलट भाजपा ने छत्तीसगढ़ के विकास को तेज गति देकर देश में छत्तीसगढ़ की पहचान बनाई, जबकि कांग्रेस के कुशासन ने छत्तीसगढ़ की पहचान 'ईडी और सीडी' बना दी। डॉ. चोपड़ा ने सन 2003 तक के कांग्रेस शासन और फिर सन 2018 तक के 15 वर्षों के भाजपा शासनकाल का तुलनात्मक ब्योरा देते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश का जो बजट 9,270 करोड़ रुपए का था, उसे भाजपा सरकार ने 83,179 करोड़ रुपए तक पहुँचाया। भाजपा सरकार ने स्थानीय निकायों में महिलाओं का आरक्षण 33 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी तक किया।
 
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक डॉ. चोपड़ा ने कहा कि कांग्रेस शासन में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 1,072 किमी सड़क ही बनी जबकि भाजपा शासन में 22, 750 किमी सड़कों का निर्माण हुआ। 29, 900 किमी कुल सड़कों के मुकाबले 61,800 किमी सड़कें और 150 पुल के मुकाबले 965 पुल बनाने का काम भाजपा की सरकार ने किया। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाकर भाजपा की पूर्ववर्ती प्रदेश सरकार ने कुल स्कूलों की संख्या 21,082 से बढ़ाकर 60,726 कर दी वहीं 206 महाविद्यालयों की संख्या 206 से बढ़ाकर 482 की। प्रदेश में जहाँ सिर्फ 2 मेडिकल कॉलेज थे, भाजपा सरकार ने उसे 10 तक बढ़ाया और एमबीबीएस की 100 सीट को 1100 तक पहुँचाया। इंजीनियरिंग कॉलेज 14 से 50, पॉलीटेक्नीक संस्थान 10 से 51 और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की संख्या 61 से 176 तक किया गया। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में विश्व स्तर के एनआईटी, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स, हिदायतुल्लाह विधि विश्वविद्यालय की स्थापना तो हुई ही, महासमुंद, कोरबा व काँकेर में मेचिकल क़लेज के लिए केंद्र सरकार ने प्रति कॉलेज 200 करोड़ रुपए की राशि भी जारी कर दी है। इसी तरह केंद्र सरकार ने मनेंद्रगढ़, कवर्धा, अंबिकापुर और दंतेवाड़ा में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने जा रही है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार इन चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तक खड़ा नहीं कर पाई है।
 
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक डॉ. चोपड़ा ने कहा कि भाजपा शासनकाल में विद्युत उत्पादन क्षमता 4,732से बढ़ाकर 22,764 मेगावाट की गई। विद्युत पम्पों संख्या 72 हजार से बढ़ाकर 4.5 लाख तक पहुँचाई गई। एकलबत्ती कनेक्शन धारक जो कांग्रेस शासन में 7 लाख थे, भाजपा सरकार ने 16 लाख लोगों को एकलबत्ती कनेक्शन देकर उनके घरों में उजाला पहुँचाया। इसी प्रकार सौर ऊर्जा से विद्युतीकृत मजरे टोले की संख्या 28 से बढ़कर 1,525 हुई। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि बीज उत्पादन जहाँ कांग्रेस सरकार के समय 45 हजार क्विंटल हो रहा था, भाजपा शासन में यह बढ़कर 10.5 लाख क्विंटल तक हुआ। कांग्रेस की सरकार जहाँ सिर्फ 5 लाख मीटरिक टन धान खरीद रही थी, भाजपा की सरकार ने 70 लाख मीटरिक टन धान खरीदी करके किसानों के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। अल्पकालीन कृषि ऋण ब्याज दर को 14 प्रतिशत से 0 प्रतिशत करने ऐतिहासिक निर्णय भाजपा की सरकार ने लिया। कांग्रेस सरकार के समय पूर्ण सिंचाई योजनाएँ सिर्फ 418 थीं जबकि भाजपा सरकार ने 2,419 सिंचाई योजनाओं को पूर्ण किया। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि घपले-घोटाले करके छत्तीसगढ़ के खजाने में लूट मचाकर प्रदेश को कांग्रेस का एटीएम बनाने और एक परिवार की चरण-सेवा में मशगूल रही भूपेश सरकार ने विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी, उल्टे भाजपा शासनकाल की जारी विकास योजनाओं में अड़ंगेबाजी करके उन कामों को रुकवा दिया। 'बदलापुर की राजनीति' करते हुए कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास से लेकर केंद्र सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को या तो बंद करवा दिया या फिर उनमें भी इस सरकार ने घोटाले करके कांग्रेसियों की तिजोरियाँ भरने का काम किया।
प्रेस ब्रीफ में सोशल मीडिया के प्रदेश सह संयोजक मितुल कोठारी और रायपुर जिला मीडिया प्रभारी राहुल राय भी उपस्थित थे